Saturday, 11 February 2023

Sarabhai vs Sarabhai - Soniya-Dushyant Love Story...


सीन १ - माया का घर...
 
माया किचन में लंच बना रही है | इंद्रवदन सोफे पर बैठा व्हिडियो गेम खेल रहा है | तभी मॉनिशा वहां आती है...
मॉनिशा: मम्मीजी, चलो ना बैठकर बातें करते हैं...
इंदू: (व्हिडियो गेम से नज़र हटाकर...) मॉनिशा, तुम्हारी तबियत तो ठिक है...
मॉनिशा: क्यौं डॅडीजी...
माया: क्यौंकि टि.व्ही. देखना छोड़कर तुम बातें करना चाहती हो...
मॉनिशा: क्या करू मम्मीजी, कल रात जो टि.व्ही. बंद किया था, तो अब तक शुरू ही नहीं हो रहा...
इंदू: शॉक के मारे बंद पड़ गया होगा बेचारा...
मॉनिशा: मतलब...
इंदू: अरे कल रात हम जब तुम्हारे घर खाना खा रहे थे ना, तब माया टि.व्ही. को घूरघूर के देख रही थी | ऐसी डरावनी आँखें देखकर टि.व्ही. डर गया होगा ना...
 
मॉनिशा हँसने लगती है और माया अपने आँखें बड़ी कर हाथ कमर पे रखकर इंद्रवदन की ओर देखती है...
माया: इंद्रवदन... अपने childish जोक्स बंद करो ना... और मॉनिशा बेटा, किसी टि.व्ही. रिपेयरवाले को क्यौं नहीं बुलाती तुम...
मॉनिशा: मम्मीजी टि.व्ही. रिपेयरवाला दो सौ रुपए माँग रहा है | इसलिए मैंने सोचा अपने घर के मेकॅनिक को ही बुला लूँ...
इंदू के हाथ से व्हिडियो गेम गिर जाता है...
इंदू: नहीं... मॉनिशा, कहीं तुमने दुश्यंत को तो नहीं बुलाया ना...
मॉनिशा: मैंने फोन किया था डॅडीजी, पर उनका नंबर बिझी था...
इंदू: हा...श... बच गये...
मॉनिशा: डॅडीजी, एक बात पूछूँ...
इंदू: हां बोलो बेटा... टि.व्ही. देखना चाहती हो...
मॉनिशा: नहीं डॅडीजी... मुझे जानना है, कि सोनिया दीदी और दुश्यंत जिजाजीने एक-दूसरे को पसंद कैसे किया...
 
इंदू: The unusual love story right...
फिर इंदू ऊपर कहीं देखने लगता है...
इंदू: एक समय की बात है...
माया: स्टॉप इट इंद्रवदन... एक समय की बात है कहकर शुरुवात करना is story tellingly middle class... तो मॉनिशा, हुआ यूँ...
 
फ्लॅश बॅक शुरू होता है...
 
सीन २ - रास्ता...
 
रास्तेपर गाड़ी चली जा रही है | सोनिया ड्रायव्हर्स सीटपर है, साहिल उसकी बगल में बैठा है, माया और इंद्रवन बींच की सीटोंपर बैठे हैं और रोसेश सबसे पिछली सीटपर बैठा कविता कर रहा है...
माया की आवाज: हम सरिता के घर की हाऊस वॉर्मिंग पार्टी में जा रहे थे...
मॉनिशा की आवाज: हाऊस वॉमिंग... घर को गरम करने की क्या ज़रूरत है... बस पंखे बंद कर देती सरिता आँटी, घर अपने आप गरम हो जाता...
इंदू की आवाज: मॉनिशा हाऊस वॉर्मिंग मतलब घर को गरम करना नहीं होता... हाऊस वार्मिंग मतलब...
माया की आवाज: कीप क्वायट बोथ ऑफ यू... मॉनिशा तुम्हें सुनना है या नहीं...
मॉनिशा की आवाज: हां मम्मीजी...
माया की आवाज: तो चुपचाप सुनती जाओ...
 
रोसेश: खटर खटर खटर खटर... चल रही है हमारी गाड़ी रास्तेपर...
इंदू: अबे पार्ट टू, तेरी गाड़ी खटर खटर चलती है...
रोसेश: डॅड... गाड़ी के इंजन में कचरा आ गया है | कॉमन सेन्स... मैंने कविता में समझाया है, सुनिये... खटर...
साहिल: रोसेश नो... सोनिया पहली बार ड्राईव्ह कर रही है | वह डिस्टर्ब हो जाएगी...
रोसेश: मॉमा...
माया: ओहो बोथ ऑफ यू... बेचारा कविता ही तो सुना रहा है... सुनाओ स्वीटी...
रोसेश कविता सुनाने लगता है | उसी वक्त ज़ोर की आवाज़ आती है और गाड़ी झटका देकर रुक जाती है...
इंदू: सोनिया, तुमने खड़ी गाड़ी ठोक दी...
माया: इंद्रवदन, at least डॅश किया तो कहो ना... ठोक दी sounds so...
सोनिया: ओ मॉम, मुझे लेफ्ट टर्न लेना था | लेकिन रोड आने से पहले ही स्टीयरिंग घूम गया...
इंदू: यह सब इस बबूचक के कविता सुनाने की वजह से हुआ है...
रोसेश: मैंने क्या किया...
इंदू: ना तू कविता सुनाता, ना सोनिया का ध्यान भटकता और ना accident होता...
साहिल: डॅड, रोसेश... इससे पहले के पब्लिक आए और सीन क्रीयेट हो, हम जाकर देखते हैं क्या हुआ है | कमॉन सोनिया...
 
साहिल बाहर आता है | खड़ी गाड़ी के पास एक आदमी झुककर गाड़ी को देख रहा है...
साहिल: सॉरी मिस्टर, स्टीयरिंग ज़्यादा घूम गयी | कहीं लगी तो नहीं...
आदमी: स्टीयरिंग ज़्यादा घूमी... So your car is having power steering... I'll explain...
तभी सोनिया वहां आती है और आते आते...
सोनिया: I am sorry... I am so sorry... I...
सोनिया आगे कुछ कहे, इससे पहले उसकी ड्रेस का दुपट्टा उसके सँडल में अटक जाता है और सोनिया गिरने लगती है | तब वह आदमी आगे बढ़कर सोनिया को संभालता है | सोनिया संभल जाती है और उस आदमी को देखती है | Background में "सागर" मूव्ही का रोमँटिक म्यूझिक
बजता है...
 
वह आदमी सोनिया को संभालकर खड़ा करता है और उसके पैरों की ओर देखता है...
आदमी: नो वंडर्स आप गिर पड़ी | आपके सँड़ल की हील लूज है | लगता है चायना मटिरीयल है...
माया: What... Excuse me... This is not China made ok...
आदमी: That’s ok... वैसे ज़्यादा चोट तो नहीं है | सँड़ल ठिक हो जाएगा...
सोनिया अभी भी उस आदमी की ओर देखे जा रही है | साहिल उसे हिलाते हुए...
साहिल: सोनिया, आर यू ओके... सोनिया...
साहिल के बोलने से सोनिया उस आदमी से नज़र हटाती है और अपनी लट को पीछे धकेलते हुए बिना कुछ कहे मुस्कुराकर हां कहती है | साहिल उस आदमी की तरफ मुड़ता है...
साहिल: And mister, we are so sorry for this...
आदमी: ओ इट्स ओके | It’s a minor dent. ठिक हो जाएगा | I’ll explain...
फिर रोसेश की ओर देखते हुए...
आदमी: हे यू... ज़रा बाहर आना...
 
रोसेश गाड़ी से बाहर आता है और उस आदमी के सामने जाकर खड़ा हो जाता है | वह आदमी रोसेश के कँधेपर हाथ रखता है...
आदमी: अब मान लो यह गाड़ी है | अब तुम जरा आगे की तरफ झुको... कम ऑन टच युअर शूज...
रोसेश वैसा करने लगता है तो माया उसे टोकती है...
माया: स्टॉप इट रोसेश और कार में जाकर के बैठो... चलो तुम सब भी... डॅमेज ज़्यादा नहीं है और हम पार्टी के लिए लेट हो रहे हैं...
इंदू: हां और रास्ते पर भीड़ भी जमा होने लगी है | बेटा, डेन्टवाली बात फिर कभी समझाना... और साहिल, तू ड्राइव्ह कर... क्यौंकि सोनिया तो अब गाड़ी चलाने से रही...
आदमी: Sure uncle. You all go ahead. मैं आपके घर आकर explain कर लूँगा | No worries...
जाते हुए सब उस आदमी की ओर देखते हैं और फिर गाड़ी में बैठकर निकल जाते हैं | वह आदमी जाती हुई गाड़ी को देखकर मुस्कुराता है...
आदमी: Nice family...
 
सीन २ खत्म होता है...
 
सीन ३ - दिनेश-सरिता के घर के बाहर...
 
गाड़ी गेट के अंदर आती है | साहिल गाड़ी को एक जगह रोक देता है...
साहिल: आप सब अंदर चलिए, मैं पार्क करके आता हूँ...
सब गाड़ी से उतरकर दरवाजे की ओर चल देते हैं | तभी साहिल की नज़र बगल में बैठी सोनिया पर जाती है | किसी खयाल में खोई हुई सोनिया खिडक़ी के बाहर देखकर मुस्कुरा रही है...
साहिल: (सोनिया को हिलाते हुए...) सोनिया... सोनिया... क्या सोच रही हो...
सोनिया: वह क्या कर रहा होगा... ठिक तो होगा ना...
साहिल: कौन...
सोनिया: वह जिसकी कार को मैंने डॅश किया...
साहिस: वह डेन्ट का मतलब समझानेवाला... वह ठिक ही होगा | अब तुम अंदर जाओ और मुझे पार्किंग ढूँढ़ने दो | अगर कार यहाँ और खड़ी रही तो कोई और हमें डॅश कर देगा...
सोनिया उतर जाती है और सबके पीछे अंदर चली जाती है | साहिल गाड़ी लेकर पार्किंग की ओर चल देता है...
 
सीन ३ खत्म होता है...
 
सीन ४ - दिनेश और सरिता के घर का ड्रॉइंग रूम...
 
पार्टी चल रही है | वेटर्स स्टार्टर्स के और ग्लासेस के ट्रे लिये घूम रहे हैं | हाथों में ग्लास लिये लोग आपस में बातें कर रहे हैं | एक तरफ कुछ महमानों के साथ दिनेश और सरिता खड़े हैं...
सरिता: दिनेश... माया और इंद्रवदन नहीं आए अब तक...
दिनेश: आ जाएँगे... ट्रॅफिक में फंसे होंगे...
तभी माया, इंद्रवदन, रोसेश और सोनिया वहाँ आते हैं...
दिनेश: (इंद्रवदन की ओर देखकर...) थिंक ऑफ द डेव्हिल एँड...
इंदू: दिनेश, तेरे घर में पार्टी चल रही है | कम से कम आज तो माया को डेव्हिल मत कहो... हालाकि बिना मेकप के माया की शक्ल वैसीही डरावनी दिखती है, लेकिन इसका मतलब यहीं नहीं के...
रोसेश: हा...हा...हा... दिनेश अंकल ने मॉमा को नहीं आपको देखकर डेव्हिल कहा था ओके...
इंदू: तू चुप रह... मॉमा का चमचा... (फिर दिनेश की ओर देखकर...) सच बता दिनेश... तूने माया को ही डेव्हिल कहा था ना...
दिनेश: ऍक्चूली मैंने...
सरिता: ओ स्टॉप इट बोथ ऑफ यू... (तभी सरिता की नज़र सोनिया पर जाती है...)
सरिता: क्या बात है बेटा... You seem to be a bit lost...
 
माया: कुछ नहीं सरिता, रास्ते में एक छोटासा accident हुआ था | शायद वही सोच रही होगी...
सरिता: Accident... Are you ok बेटा...
सोनिया: कुछ नहीं आँटी, मैं ड्राइव्ह कर रही थी ना, तो एक कार को डॅश कर दिया...
इंदू: वह भी इस मायापुत्र रोसेश की वजह से...
दिनेश: रोसेश की वजह से, लेकिन ड्राइव्ह तो सोनिया कर रही थी ना...
इंदू: हां, लेकिन यह लल्लूराम कविता सुना रहा था ना... तो सोनिया का ध्यान भटक गया और...
माया: At least say mind distracted... ध्यान भटक गया is so...
सरिता: Ok ok... But where is our prince charming...
इंदू: लेकिन मैं तो तुम्हारे सामने ही खड़ा हूँ सरिता...
माया: सरिता साहिल की बात कर रही है इंदू...
 
तभी साहिल वहां आता है...
साहिल: लुकिंग फॉर मी...
सब साहिल की ओर देखते हैं...
साहिल: Congrates Dinesh Uncle and Sarita Aunty... Lovely house...
दिनेश: Thankz Sahil. तुम्हारी ही कमी थी...
दिनेश सबको देखते हुए...
दिनेश: Enjoy the party...
सरिता: दिनेश, अब तक पेंटर्स नहीं आए...
इंदू: क्या... तुम लोगोंने पेंटर्स को भी बुलाया है... पेंटिंग कुछ बाकी है क्या...
दिनेश: वह कलरिंग करनेवाले पेंटर्स नहीं | मिस्टर एँड मिसेस पेंटर...
सरिता: Yes. Mr. Painter is a textile king और मिसेस पेंटर, माया तुम्हारी ही तरह socialite है | दिनेश और मैं डेल्ली गए थे ना, तब हम उनसे मिले | दोनों यहां उनके बेटे के पास आए हैं | तो हमने उन्हे भी बुला लिया...
दिनेश: (दरवाजे की ओर देखते हुए...) आह... हियर दे कम...
 
सब मुड़कर देखते हैं | एक आदमी और एक औरत चले आ रहे हैं | वह दोनों माया और इंद्रवदन के हमउम्र हैं | वह आदमी दिनेश से हाथ मिलाता है और वह औरत सरिता के गले मिलती है...
दिनेश: हाय अजित...
अजित: हाय दिनेश... सॉरी लेट हो गये...
औरत: हाय सरिता... गुड टू सी यू...
सरिता: हाय रक्षा... नाईस टू सी यू टू... वैसे लेट क्यौं हुआ...
रक्षा: अरे एक छोटासा accident हो गया था | इसलिए लेट हुए...
सरिता: माय गॉड... आर यू बोथ ओके...
अजित: येस येस वी आर फाईन...
दिनेश: अच्छा... कम मीट द साराभाइज... यह है इंद्रवदन, यह माया, यह है इनका बड़ा बेटा साहिल, यह है इनका दूसरा बेटा रोसेश एँड शी इज सोनिया...
 
अजित सब मर्दोंसे हाथ मिलाता है और रक्षा सब औरतोंसे गले मिलती है | सब एक-दूसरे से जान-पहचान कर रहे होते हैं...
दिनेश: वैसे अजित, दुश्यंत कहां है...
अजित: अरे उसी की वजह से तो लेट हुए हम... पहले कार पर लगे डेन्ट को वह हमें समझाने लगा, फिर डेन्ट निकालने में उसने टाईम लगाया...
रक्षा: Obviously डेन्ट निकला नहीं तो हमें दूसरा मेकॅनिक बुलाना पड़ा, तब हम यहां आ सके | दुश्यंत कार पार्क करके आता ही होगा... देयर इज माय प्रिन्स...
दरवाजे में एक आदमी खड़ा है | उसे देखते ही सोनिया उसे देखती रहती है और बाकी साराभाइज को असली मामला पता चल जाता है...
 
माया: (खोई हुई सोनिया को कोनी मारते हुए...) सोनिया what are you doing...
फिर सबकी तरफ देखते हुए माया मुस्कुराती है...
सरिता: क्या हुआ माया...
रोसेश: हमारी ही कार की वजह से आपकी कार पर डेन्ट पड़ गया था...
साहिल: ही मीन्स टू से, इट वॉज अ मिस-जजमेन्ट... जिसकी वजह से आपकी कार को डॅश हुआ...
इंदू: या... वी आर सॉरी फॉर इट...
दुश्यंत: Its ok. It was a minor dent. ठिक भी हो गया | I'll explain... (रोसेश की ओर देखते हुए...) अब मान लो, कि यह डेन्ट है... अ... मिस्टर, जरा बेन्ड हो जाओ...
अजित: Its ok बेटा | वे समझ गये...
सरिता: Yes off course... By the way, let me introduce... यह माया साराभाई है, यह इनके हसबन्ड इंद्रवदन साराभाई, यह है माया और इंद्रवदन का बड़ा बेटा साहिल साराभाई, यह है इनका छोटा बेटा रोसेश साराभाई and she is their lovely daughter Soniya...
दिनेश: And he is Dushyant. Ajit's and Raksha's son...
 
दुश्यंत सबसे हाथ मिलाते हुए दुबारा अपना नाम बताता है | अंत में हाथ मिलाते हुए दुश्यंत और सोनिया एक-दूसरे को देखते हैं | दुश्यंत को देखते हुए सोनिया अपना सिर झुकाती है और background में "DDLJ" फिल्म के, "तुझे देखा तो ये जाना सनम..." इस गाने का म्यूझिक बजना शुरू होता है | कुछ ही देर में इंद्रवदन सोनिया को हिलाता है और म्यूझिक बंद हो जाता है...
 
इंदू: सोनिया बेटा, हॅलो बोलो दुश्यंत को...
सोनिया: (Trance से बाहर आते हुए...) Hi...
दुश्यंत: Hello Soniya, I'm Dushyant. लेकिन आपने अपना नाम नहीं बताया...
साहिल: इसका नाम सोनिया है | सरिता आंटीने बताया ना अभी...
दुश्यंत: हां लेकिन जैसे मैंने सबको अपना नाम फिरसे बताया वैसे सोनिया ने तो नहीं बताया ना... Use your head मि. साहिल...
साहिल थोड़ा चिड़ जाता है तब इंद्रवदन उसे संभालता है...
इंदू: सोनिया बेटा... दुश्यंत को अपना नाम बताकर नक्की करो ना...
माया: इंद्रवदन... At least say 'at least', नक्की करो ना sounds so...
सोनिया: (दुश्यंत से दुबारा हाथ मिलाते हुए...) I am Soniya...
दुश्यंत: Nice name...
इंदू: लगता है "शोले" फिल्म के उस सीन का रीमेक चल रहा है जहां जय बसंती से पूछता है, "तुम्हारा नाम क्या है बसंती..."
रोसेश: And this time you are the Gabbar Singh Mr. Indravadan Sarabhai...
इंदू: चुप कर सांभा के बच्चे...
 
पार्टी चलती रहती है | सोनिया पूरी पार्टी में खोई खोई सी रहती है…
 
सीन ४ खत्म होता है...
 
सीन ५: माया के घर का लिव्हिंग रूम...
 
दरवाजा खुलता है | माया लाईट चला देती है | पीछे इंद्रवदन, साहिल, रोसेश और सोनिया हैं...
माया: Ohh I am exhausted. It was a tiring evening...
इंदू: हां माया, मैं भी बहुत थक गया हूँ...
साहिल-रोसेश: Good night mom and dad...
माया: Good night boys. And So...
सोनिया को देखते ही माया चुप हो जाती है | सोनिया अभी भी खोई खोई है | वैसे ही हाथ हिलाते हुए सोनिया अपने रूम में चली जाती है | सब सोनिया को देखते रहते हैं...
साहिल: इसे क्या हुआ...
 
सीन ५ खत्म होता है...
 
सीन ६ - सोनिया का बेडरूम...
 
डिम लाईट जल रहीं हैं | सोनिया बेड पर पड़े पड़े मुस्कुरा रही है और छत की तरफ देख रही है | Background में "बाज़ीगर" फिल्म के गाने का म्यूझिक बजने लगता है और सोनिया खयालों में खो जाती है...
 
सीन ७ - Soniya's dream sequence...
 
Parody of the "Baazigar" movie song, “दिल लेके दिल दिया है... सौदा प्यार का किया है...”
 
सोनिया रास्ते पर खड़ी इधर-उधर देख रही है | सामने देखकर वह मुस्कुराती है | सामने से एक स्कूटर पर दुश्यंत आता दिखाई देता है और सोनिया गाने लगती है...
सोनिया: मैंने ब्रेक था लगाया... स्टीयरिंग व्हील था घुमाया... फिर भी कार को तेरी डॅश हुआ... सॉरी सॉरी है यार दुश्यंत... माफ करके कर दो इसका अंत...
 
म्यूझिक के साथ ही दुश्यंत स्कूटर को पार्क कर हेल्मेट निकालकर सोनिया की तरफ चलने लगता है...
दुश्यंत: हो... Its ok कुछ नहीं हुआ... डेन्ट ज़्यादा नहीं था बड़ा... ठिक करवा लिया मैंने उसी पल... डेन्ट क्या होता है I'll explain... ठिक कैसे किया I'll explain...
गाते गाते दुश्यंत और सोनिया एक-दूसरे के करीब आते हैं तभी रास्ते पर गाड़ियों के हॉर्न बजने लगते हैं और सोनिया का dream sequence टूट जाता है...
 
सीन ७ - सोनिया का dream sequence खत्म होता है...
 
सोनिया झटके से उठकर बेड पर बैठ जाती है | अपने बालों में हाथ फिराते हुए मुस्कुराने लगती है | फिर तकिये में मूह को छुपाती है | "बाज़ीगर" फिल्म के उस गाने का आखरी म्यूझिक बजकर खत्म होता है और रूम की लाईट्स बंद हो जाती हैं...
 
सीन ६ खत्म होता है...
 
सीन ८ - माया के घर का डायनिंग टेबल...
 
सुबह हो चुकी है | माया कुछ गुनगुनाते हुए खाना बना रही है | एक कमरे से नाईट ड्रेस पहने रोसेश और साहिल बाहर आते हैं तो मेन डोर से जॉगिंग सूट में इंद्रवदन अंदर आता है...
रोसेश: गुड मॉर्निंग मॉमा...
साहिल: गुड मॉर्निंग मॉम और डॅड...
इंदू: हे माया, गुड मॉर्निंग साहिल and hi Maya part 2...
माया: गुड मॉर्निंग बॉईज...
साहिल: क्या बात है डॅड, आप इतनी सुबह सुबह जॉगिंग सूट में...
इंदू: हां मैंने सोचा, क्यौं ना आज से थोड़ी जॉगिंग की जाए...
 
माया: कल की पार्टी में किसी ने इंदू को मोटा कहा होगा...
रोसेश और साहिल हंसने लगते हैं | इंद्रवदन माया की ओर गुस्से से देखता है...
साहिल: Whatever... But very good dad... Keep it up...
यह सुनकर इंद्रवदन अपनी कॉलर पकड़ता है | फिर माया की तरफ मुड़ता है...
इंदू: माया, वैसे क्या है ब्रेकफास्ट में...
माया: सादा खाकरा और लो फॅट चीज-व्हेजिटेबल सँडविच...
इंदू: (मुह बनाते हुए...) यह तो रोसेश के खाने के लिए है माया... हम इंसानों के खाने के लिए भी कुछ बनाओ...
यह सुनकर रोसेश मुह बनाता है और साहिल और इंद्रवदन हंसकर एक-दूसरे को ताली देते हैं...
रोसेश: हा हा हा... व्हेरी फनी...
माया: इंदू, किसी मेकॅनिक को बुलाओ ना बाबा... हमारा ओव्हन ख़राब हो गया है...
इंदू: इतनी सुबह सुबह कौनसा मेकॅनिक जागा होगा... थोड़ी देर बाद फोन करता हूँ...
रोसेश: वैसे मॉमा... सोनिया कहां है...
साहिल: हां, सोनिया कहीं नज़र नहीं आ रही...
इंदू: वैसे हम सब से पहले उठ जाती है वह...
माया: Strange... कल रात भी कुछ अलग नज़र आ रही थी...
 
तभी अपने कमरे से सोनिया बाहर आती है...
सोनिया: गुड मॉर्निंग मॉम, गुड मॉर्निंग डॅड, गुड मॉर्निंग बॉईज...
माया: (सोनिया को दूध का ग्लास देते हुए...) गुड मॉर्निंग डार्लिंग. आज लेट हुआ उठने में... रात को देर से सोई थी क्या...
सोनिया: (माया के हाथ से ग्लास लेते हुए शरमाते हुए...) हां...
रोसेश: क्यौं... मच्छर थे रूम में...
सोनिया ग्लास को वहीं टेबलपर रखकर मुस्कुराती है...
सोनिया: कुछ नहीं, बस यूंहीं... मैं चेंज करके आती हूँ...
सोनिया अपने कमरे में चली जाती है | सब उसे देख रहे हैं...
साहिल: Something is very weird mom. सोनिया ने ऐसे पहले तो कभी बिहेव नहीं किया...
इंदू: हां माया, साहिल इज राईट. कुछ तो गड़बड़ है...
तभी टेबलपर रखा टेलिफोन बजता है...
 
इंदू: (रिसीव्हर उठाते हुए...) हॅलो... साराभाई रेसिडेन्स...
आवाज़: अंगारा कंपनी का साऊंड सिस्टम मत खरीदना... उसके स्पीकर्स ब्लास्ट हो जाते हैं...
इंदू: क्या... कौन बोल रहा है...
आवाज़: लगता है आपने मेरी आवाज़ नहीं पहचानी | Well this is Dushyant Painter...
इंदू: अरे हां हां, कल पार्टी में मुलाकात हुई थी | Sorry son, I did not recognize you... वैसे Mr. & Mrs. Painter कैसे हैं...
दुश्यंत: उनका सी.ड़ी. प्लेयर ख़राब हो गया है...
इंदू अपने सिर पर हाथ मारता है और पूछता है...
इंदू: ओहो... सो सॅड | और तुमने फौन कैसे किया...
दुश्यंत: हाथ से रिसीव्हर उठाया और नंबर डायल किया...
इंदू दीवार पर अपना सिर पटकता है | फिर हिलते हुए सिर पकड़कर कहता है...
इंदू: I will rephrase my question... तुमने फोन क्यौं किया...
दुश्यंत: आपको बताने के लिए, कि अंगारा कंपनी का साऊंड सिस्टम मत खरीदना... उसके स्पीकर्स ब्लास्ट हो जाते हैं... I'll explain... जरा फोन स्पीकर पर डालिए...
 
इंदू फोन को स्पीकर पर डालता है...
इंदू: हां दुश्यंत...
दुश्यंत: Your younger son Rosesh right...
इंदू: हां...
दुश्यंत: मान लो, कि रोसेश स्पीकर है... अब रोसेश, जोर से गाना गाओ और ब्लास्ट हो जाओ...
माया, साहिल और इंदू अपने अपने सिरों पर हाथ मारते हैं...
रोसेश: कम ऑन दुश्यंत... मैं अपने आप ब्लास्ट कैसे हो सकता हूँ...
दुश्यंत कुछ और कहे इससे पहले साहिल स्पीकर के पास आता है...
साहिल: वैसे दुश्यंत, हमारा ओव्हन काम नहीं कर रहा | कोई मेकॅनिक हो तो बता देना...
दुश्यंत: What...
फोन बंद हो जाता है...
इंदू: क्या लड़का है यह... ना हॅलो बोला ना बाय बाय बोला...
 
सीन ८ खत्म होता है...
 
सीन ९ - लिफ्ट...
 
फ्लोअर बेल बजती है | लिफ्ट का दरवाजा खुलता है और दुश्यंत लिफ्ट के बाहर आता है...
 
सीन ९ खत्म होता है...
 
सीन १० - कॉरिडोर और माया का घर...
 
दुश्यंत बेल बजाता है | दरवाजा खुलता है | माया सामने होती है | दुश्यंत को देखकर माया के चेहरे के भाव बदल जाते हैं | दुश्यंत अंदर आता है | दुश्यंत को देखकर वहां खड़े सब के चेहरे के भाव बदल जाते हैं...
दुश्यंत: अगर ओव्हन गरम नहीं हो रहा है, तो magnetron का problem है | अगर ओव्हन बीच में बंद हो रहा है, तो स्विच बोर्ड में current fluctuations है | और अगर प्लेट स्पिन नहीं हो रही, तो मोटर खराब हो गई है...
माया: ओके तो अब हॅलो बोलें...
दुश्यंत: हां...
माया: हॅलो दुश्यंत...
दुश्यंत: हॅलो आंटी... You remembered my name...
इंदू: अरे, उसकी बिरादरी के सब के नाम माया को याद रहते हैं...
रोसेश: व्हॉट डू यू मीन...
इंदू: अरे चंबू, बिरादरी मतलब डायन, भूत, राक्षस, ड्रॅक्यू...
साहिल: ही मीन्स टू आस्क, तुम यहां कैसे...
दुश्यंत: ऑफिस से ग्राउंड फ्लोअर तक लिफ्ट से | फिर कार तक चलकर | पार्किंग से इस बिल्डिंग के नीचे तक कार से और दरवाजे तक फिर से लिफ्ट से...
 
साहिल: I will rephrase my question... तुम यहां क्यौं आए हो...
दुश्यंत: यहां इतनी बड़ी बात हो गई और तुम पूछ रहे हो मैं यहां क्यौं आया हूँ... Come on Sahil, this is not fare...
रोसेश: बड़ी बात... कौनसी बड़ी बात...
दुश्यंत: Now you don’t start it Rosesh. ओव्हन खराब हो गया और मुझे किसी ने बताया भी नहीं... मैंने कल ही आप सबको बताया था, कि मैं इंजीनियर हूँ और मेरी कार का डेन्ट भी मैंने ठिक किया था | फिर भी आप में से किसीने यह जरूरी नहीं समझा, कि मुझे बता दे...
इंदू: हम तुम्हें तकलीफ नहीं देना चाहते थे दुश्यंत...
दुश्यंत: आप के ना बताने से मुझे कितनी तकलीफ हुई है जानते हैं आप... वह तो ठिक है, कि मैंने छोटी-छोटी बातों का बुरा नहीं मानता, नहीं तो तुरंत यहां से चला जाता... कहां है ओव्हन...
माया: हां दुश्यंत that will be better. अब आ ही गए हो, तो ओव्हन को देख ही लो...
 
दुश्यंत ओव्हन के पास जाता है | स्विच ऑन कर के ओव्हन को देखता है | ओव्हन अभी भी बंद ही है | दुश्यंत ओव्हन का दरवाजा खोलता है लेकिन लाईट नहीं जलती | दुश्यंत घबराकर अपनी नाक के सामने से हाथ फेरते हुए सबकी ओर देखता है...
दुश्यंत: यह ओव्हन तो बिलकुल काम नहीं कर रहा | और यह अजीब सी स्मेल भी आ रही है | किसी ने फिश फ्राय किया है क्या...
माया: दुश्यंत हम सब vegetarian’s हैं...
दुश्यंत: तो मैंने कब कहा, कि फिश खाई है, मैं तो कह रहा हूँ, कि फिश फ्राय की है...
इंदू: दुश्यंत, माया कहना चाहती है, कि हम vegetarian’s हैं | हमारे घर में फिश आ ही नहीं सकती तो बेचारी फ्राय कहां से होगी...
दुश्यंत: तब तो जरूर कॉईल जल गई होगी...
साहिल: What does that mean...
दुश्यंत: I'll explain... रोसेश यहां आओ, और जमीन पर सी शेप बनाकर लेट जाओ...
रोसेश वैसे करता है और दुश्यंत दरवाजे की तरफ जाने लगता है...
साहिल: अरे, तुम कहां चले...
दुश्यंत: I'll be back... रोसेश, वैसे ही लेटे रहना...
दुश्यंत बाहर चला जाता है और सब लोग दरवाजे को देखते रहते हैं...
 
सीन १० खत्म होता है...
 
सीन ११ - माया के घर का लिव्हिंग रूम...
 
साहिल: Strange guy...
दरवाजा बंद होते ही सब लोग रोसेश को देखने लगते हैं...
माया: रोसेश, तुम ज़मीन पर क्यौं पड़े हुए हो... अब तक राधाबाईने पोछा भी नहीं लगाया...
इंदू: हां, तो राधाबाई का काम रोसेश कर देगा | साहिल, अपन इस चंबू की टांगें पकड़कर पूरे कमरे में इसे घुमा देते हैं | पोछा अपने आप लग जाएगा...
साहिल और इंद्रवन हंसकर एक-दूसरे को ताली देते हैं, और रोसेश का मुह उतर जाता है...
माया: शट अप इंद्रवदन... And Rosesh, get up now...
तभी सोनिया अपने कमरे से बाहर निकलती है और रोसेश को जमीनपर सोया देखती है...
सोनिया: रोसेश... What are you doing...
कोई कुछ कहे इससे पहले रोसेश खड़ा हो जाता है | उसी वक्त मेन डोर खुलता है और दुश्यंत अंदर आता है | सोनिया उसे देखती रहती और "कभी ख़ुशी कभी ग़म" फिल्म के, "यू आर माय सोणिया..." इस गाने का म्यूझिक बजने लगता है...
 
साहिल फिरसे सोनिया को होश में लाता है...
साहिल: सोनिया, क्या कर रही हो...
सोनिया होश में आती है और चलकर इंद्रवदन तक जाती है | दरवाजे से दुश्यंत भी चलकर इंद्रवदन तक पहुँचता है...
इंदू: सोनिया बेटा, यह दुश्यंत है | कल पार्टी में मिला था ना... और आज हमारा ओव्हन ठिक करने आया है... हॅलो बोलो...
सोनिया: हॅलो...
इंदू: और दुश्यंत, यह सोनिया है... तुम भी हॅलो बोलो...
दुश्यंत: हाय...
इंदू: लगता है "आतिश" फिल्म के उस सीन का रीमेक चल रहा है जहां क़ादर ख़ान रवीना को संजय दत्त से मिलवाता है...
दुश्यंत को देखते देखते सोनिया खयालों में खो जाती है...
 
सीन १२ - सोनिया का दूसरा dream sequence...
 
Parody of the "Taal" movie song “ये इश्क क्या है किसको पता... ये इश्क क्या सबको पता...
 
माया के घर का किचन...
 
सब तरफ सफेद धुवाँ फैला हुआ है | दुश्यंत ओव्हन के पास खड़ा है | उसके गले में कॉईल है और हाथ में वायर्स हैं...
दुश्यंत: यह ओव्हन तेरा, है खराब हुआ... यह ओव्हन तेरा बिगड़ा हुआ... कॉईल काला पड़ा है खूब जलकर... वायरिंग पर पड़ा है इसका असर... काम नहीं कर रहा इसका मोटर... यह ओव्हन तेरा बिगड़ा हुआ... अब मेरे पास नहीं इसकी दवा... नया खरीदने का वक्त हुआ... नया खरीदने का... वक्त है हुआ...
 
दुश्यंत हाथ उठाता है और सबकुछ तेजी से गोल घूमने लगता है...
 
सीन १२ खत्म होता है...
 
माया सोनिया को हिलाती है | सोनिया मुस्कुराते हुए वहां से भाग जाती है...
साहिल: अब इसे क्या हुआ...
माया: God only knows...
उसी वक्त दुश्यंत रोसेश को देखता है...
दुश्यंत: यह क्या रोसेश... तुम खड़े हो गए | मैं यह पेट्रोल ले आया था | अब मैं कैसे समझाऊँगा, कि कॉईल कैसे जली...
साहिल: मतलब तुम रोसेश पर पेट्रोल डालकर उसे जलाने वाले थे...
रोसेश: ओ माय गॉड... मॉमा...
दुश्यंत: रोसेश को नहीं, उसके कपड़ो को...
इंदू: अरे मगर कपड़ों के अंदर यह चंबू भी तो जलता ना...
दुश्यंत: ओह... Sorry... I did not realize...
माया: वैसे दुश्यंत, तुमने फोन क्यौं किया था...
इंदू: अरे हां... इस बात का तो हम में से किसी को ख़याल नहीं आया | क्या बात है माया... मुझे तो लगा था तुम सिर्फ डायन जैसी डरावनी हो | आज पता चला, तुम्हारे पास अक्ल भी है...
 
माया गुस्से से इंद्रवदन को देखने लगती है | वह कुछ कहे इससे पहले...
साहिल: दुश्यंत, बोलो तुम... क्यौं फोन किया था तुमने...
दुश्यंत: कल मेरा बर्थ डे है...
इंदू: ओ हो हो... वह महान दिन......
साहिल: डॅड, यह डायलॉग मारने का आपको फिर से मौका मिलेगा ओके... हां, दुश्यंत... कल तुम्हारा बर्थ डे है | अच्छी बात है | पर कॉल क्यौं किया तुमने...
दुश्यंत: कल शाम मेरे घर एक छोटीसी पार्टी है | ओनली दिनेश अंकल, सरिता आंटी और तुम सब लोग... Tomorrow evening at 9... Don’t be late ok...
इंदू, माया, साहिल और रोसेश एक साथ: डन...
 
सीन ११ खत्म होता है...
 
सीन १३ - दुश्यंत का घर...
 
दुश्यंत, रक्षा और अजित "जो जीता वही सिकंदर" देख रहे हैं | हर सीन में दुश्यंत को आयेशा जुल्का की जगह सोनिया दिखने लगती है और वह चौंक जाता है...
अजित: क्या हुआ दुश्यंत...
रक्षा: Anything wrong बेटा...
दुश्यंत: लगता है स्क्रीन के resolution में कुछ फरक आ गया है | I'll explain... मान लीजिए, कि मम्मी स्क्रीन है और...
 
रक्षा: दुश्यंत बेटा, अभी नहीं | तुम सो जाओ अब | कल की पार्टी की preparations भी तो करनी है तुम्हें...
दुश्यंत: Yaa you both are right... मैं सोने जाता हूँ...
दुश्यंत अपने कमरे में चला जाता है...
अजित: बच गये...
रक्षा: अजित, जब से दुश्यंत साराभाईज के घर से लौटा है, कुछ बदला बदला नहीं लग रहा...
अजित: हां, नोटीस तो मैंने भी किया है...
रक्षा: क्या बात हो सकती है...
अजित: Something is fishy...
 
दोनों एक-दूसरे को देखते हुए अपनी नज़रें टि.व्ही. की ओर घुमा देते है...
 
सीन १३ खत्म होता है...
 
सीन १४: दुश्यंत का बेडरूम...
 
दुश्यंत बेडपर लेटा हुआ छत की ओर देख रहा है | लेटे लेटे उसकी आँख लगती है...
 
सीन १५: दुश्यंत का dream sequence...
 
Parody of "Jo Jeeta Wohi Sikander" movie song, "पहला नशा..."
 
"जो जीता वोही सिक़ंदर" फिल्म के "पहला नशा पहला खुमार..." गाने का म्यूझिक बजने लगता है | सब तरफ हरियाली है | चारो ओर सफेद धुवाँ फैला है | एक तरफ दुश्यंत खड़ा इधर-उधर देख रहा है | उसके सामने का धुवाँ हटता है और सफेद ड्रेस पहनी हुई, सँडल हाथ में लिए सोनिया भागती हुई दुश्यंत के पास आती है | दुश्यंत के पास पहुँचते ही सोनिया सँडल को एक तरफ फैंकती है...
सोनिया: सँडल मेरा... देखो टूट गया... अब टाईम है... खरीदने का नया... तू शॉपिंग चल मेरे साथ... नंबर है मेरा आठ... नंबर है मेरा आठ... तू चल मेरे साथ...
गाते गाते सोनिया पीछे की ओर, और दुश्यंत की तरफ गिरने लगती है | दुश्यंत उसे संभालने जाता है लेकिन उसकी नज़र सँडल पर जाती है | सोनिया को संभालना छोड़ दुश्यंत सँडल को उठाता है और सोनिया ज़मीनपर गिर जाती है | उसी वक़्त दुश्यंत का सपना टूट जाता है...
 
सीन १५ दुश्यंत का dream sequence खत्म होता है...
 
दुश्यंत: (मुस्कुराकर...) Strange...
 
दुश्यंत मुड़कर स्विच दबाता है | कमरे की लाईट्स बंद हो जाती हैं...
 
सीन १४ खत्म होता है...
 
सीन १६ - दुश्यंत का घर...
 
शाम का वक्त है | पार्टी चल रही है | लोग एक-दूसरे से बाते कर रहे हैं | दुश्यंत कही मिले तो उसे विश कर रहे हैं | लोगों से हाथ मिलाते हुए दुश्यंत बार बार दरवाजे की ओर देख रहा है | ऐसा करते हुए रक्षा उसे देख लेती है...
रक्षा: अजित, यह दुश्यंत बार बार दरवाजे को क्यौं देख रहा है...
अजित: शायद किसी गेस्ट का वेट कर रहा होगा | पर ऐसा उसने किया नहीं कभी...
रक्षा: Yaa, that's true...
 
तभी साराभाई परिवार दरवाजे से अंदर आता हुआ नज़र आता है | अजित और रक्षा आगे बढ़ते हैं | अजित और इंद्रवदन हाथ मिलाते हैं | रक्षा और माया एक-दूसरे के गले मिलती हैं...
इंदू: हाय अजित... Nice house. क्या पेंटिंग की है | तुमने ही किया होगा...
अजित: मैंने... मतलब...
इंदू़: अरे तुम्हारा सरनेम पेंटर है ना यार...
अजित इंद्रवदन को गुस्से देखता है...
इंदू: जोक था यार...
अजित: तुमने मेरे सरनेम को लेकर जोक किया इंद्रवदन... मैं तुम्हें बददुवा देता हूँ, कि यह सरनेम ज़िंदगीभर तुम्हारा पीछा करेगा...
 
साहिल: What he means is, घर का interior आपका ही idea होगा अंकल...
माया: हां just ignore him Mr. Painter. और at least say curse you... बददुवा देता हूँ कहना is so Hindi t.v. serial types...
रक्षा: वैसे माया, तुम लेट हो गई...
माया: Ohh don't ask... इतना ट्रॅफिक था ना...
अजित: ट्रफिक... इस area में तो हमेशा moving traffic होता है...
इंदू: हां लेकिन आज गाड़ियाँ अचानक रुक गई ना...
रक्षा और अजित: वह क्यौं...
इंदू: अरे माया ने ग्लास नीचे किया था | तो शाम के समय माया की डायन जैसी शक्ल देखकर डर गये ना बेचारे ड्राईव्हार्स...
माया: (गुस्से से इंदू की तरफ देखते हुए...) इंद्रवदन...
 
रक्षा: (topic change कर सोनिया की ओर देखते हुए...) My my Sonia, nice dress haa... You looking gorgeous...
सोनिया: Thankz aunty...
साहिल: By the way... Where is the birthday boy...
अजित: (एक तरफ देखते हुए...) There he is... Dushant, come here my son...
दुश्यंत उनकी तरफ चला आता है...
दुश्यंत: (सबको देखते हुए...) Hello everyone...
साहिल: (दुश्यंत से हाथ मिलाते हुए...) Happy Birthday Dushyant...
दुश्यंत: Thankz bro...
रोसेश: (दुश्यंत से हाथ मिलाते हुए...) Happy Birthday...
दुश्यंत: Thankz buddy...
इंदू: (दुश्यंत से हाथ मिलाते हुए...) Happy Birthday बेटा...
दुश्यंत: Thankz uncle...
माया: (दुश्यंत से हाथ मिलाते हुए...) Happy Birthday Dushyant...
दुश्यंत: Thankz aunty...
 
दुश्यंत सोनिया की ओर देखता है | सोनिया उसकी तरफ देखे जा रही है...
दुश्यंत: आप मुझे विश नहीं करेंगी...
साहिल: (सोनिया को कोनी मारते हुए...) सोनिया, दुश्यंत से हाथ तो मिलाओ...
इंदू: हां और विश भी करना...
दुश्यंत और सोनिया हाथ मिलाते हैं और फिर से एक-दूसरे को देखते रहते हैं | दोनों एक-दूसरे की आँखों में खो जाते हैं | धीरे धीरे पार्टी में आया हुआ एक एक इंसान गायब होने लगता है और सफेद धुवाँ आ जाता है...
 
सीन १७ - Soniya & Dushyant's combined dream sequence...
 
सोनिया: (दुश्यंत के पास जाते हुए...) बेचैन है... मेरी नज़र...
दुश्यंत: (सोनिया के पास जाते हुए...) है प्यार का... कैसा असर...
दोनों एक-दूसरे के करीब आते हैं और कोरस में गाने लगते हैं...
सोनिया और दुश्यंत: ख़्वाबों में तुम... आते हो क्यौं... हम आपके... आपके हैं कौन...
वे दोनों और करीब आने लगते हैं, कि उन्हें अपने अपने नाम सुनाई देने लगते हैं और पूरा सीन गड़बड़ा जाता है...
 
सीन १७ - दुश्यंत और सोनिया का dream sequence खत्म होता है...
 
दोनों होश में आते हैं और देखते हैं, कि रक्षा दुश्यंत को बुला रही है और माया सोनिया को बुला रही है | दोनों संभल जाते हैं और फिर एक-दूसरे को देखते हैं...
दुश्यंत: हम आपके हैं कौन...
सोनिया: (सिर झुकाकर मुस्कुराते हुए...) हां...
इंदू: क्या...
दुश्यंत: हम आपके हैं कौन... यह मूव्ही पता है ना आपको... आपको तो पता होगा ही...
इंदू: क्यौं...
दुश्यंत: उस टाईम आप शायर जो थे | रोसेश आपसे ही तो कविता करना सीखा होगा...
साहिल: आप दोनों यह बिना सिर-पैरवाली discussion बाद में करेंगे प्लीज...
अजित: हां हां दुश्यंत बेटा, चलो अब केक काटो | सब वेट कर रहे हैं...
 
दुश्यंत केक काटता है | सब ताली बजाते हुए happy birthdayवाला गाना गाते हैं | दुश्यंत केक का एक पीस उठाकर पहले रक्षा के मुह के पास ले जाता है फिर अजित के मुह के पास | दोनों अपना मुह खोलते हैं और दुश्यंत वह केक का पीस खुद ही खा जाता है...
 
सीन १६ खत्म होता है...
 
सीन १८: दुश्यंत के घर की गॅलरी...
 
पार्टी अपनी गति से चल रही है | दुश्यंत और सोनिया गॅलरी में बातें कर रहे हैं...
दुश्यंत: सोनिया, क्या आपने भी वही देखा जो मैंने देखा...
सोनिया: (पहले सिर झुकाती है फिर सिर उठाते हुए...) हां... मैंने "ताल" देखी, "बाज़ीगर" भी देखी और तुमने...
दुश्यंत: मैंने तो पहले "जो जीता वही सिक़ंदर" देखी फिर "हम आपके हैं कौन...
सोनिया: तुमने भी "हम आपके हैं कौन" देखी...
दुश्यंत: मैंने भी means... आपने भी देखी...
सोनिया: दुश्यंत, अब हम फ्रेन्ड्स हैं ना...
दुश्यंत: या...
सोनिया: तो तुम मुझे आप कहना छोड़ दो ना...
दुश्यंत: Actually... वैसे, तुमने पूरा गाना देखा...
 
सोनिया सिर हिलाकर नहीं कहती है...
दुश्यंत: मतलब तुमने अधुरा गाना देखा | Which means, तुम्हारा सपना टूट गया | I'll explain... मैं अभी तुम्हारे भाई रोसेश को बुलाकर लाता हूँ…
सोनिया: क्यौं...
दुश्यंत: उसे सपना बनाकर तोड़ देना है...
सोनिया: इसकी कोई ज़रूरत नहीं दुश्यंत...
दुश्यंत: तो मैं कैसे explain करूँगा, कि सपना कैसे टूटता है...
 
हॉल में एक तरफ पेंटर परिवार तो दूसरी तरफ साराभाई परिवार सोनिया और दुश्यंत को देख रहे हैं...
रक्षा: अजित, यह दुश्यंत कुछ ज्यादा ही बात नहीं कर रहा सोनिया के साथ...
अजित: हां, नोटीस तो मैंने भी किया है | क्या बात हो सकती है...
 
रोसेश: मॉमा, आपने सोनिया को देखा... उस दुश्यंत के साथ कुछ ज्यादा ही बातें हो रही हैं...
साहिल: Yes mom, I mean, सोनिया ने ऐसे तो नहीं किया पहले कभी...
माया: I have also noticed that... Something is fishy...
इंदू: माया, यहां खड़े रहकर सोचने से अच्छा है हम रक्षा और अजित से बात करते हैं ना...
एक तरफ से पेंटर परिवार और दूसरी तरफ से साराभाई परिवार आमने-सामने आ जाते हैं...
अजित: इंद्रवदन... तुम्हारी बेटी मेरे बेटे के साथ क्या बातें कर रही है...
इंदू: वही, जो तुम्हारा बेटा नहीं कर सकता...
रक्षा: मतलब...
इंदू: Sensible talk...
अजित: इंद्रवदन यू...
 
रक्षा अजित को संभालती है और माया इंद्रवदन को रोकती है...
माया: Stop it both of you... रक्षा, let’s not create a scene here please...
रक्षा: You are right माया...
साहिल: हां यह ठिक रहेगा | मॉम और रोसेश, आप दोनों डॅड को कार की तरफ ले जाइए, मैं सोनिया को लेकर आता हूँ...
रोसेश और माया इंद्रवदन को बाहर ले जाते हैं...
 
सीन १८ खत्म होता है...
 
सीन १९ - माया के घर का लिव्हिंग रूम...
 
इंद्रवदन और साहिल सोफे पर बैठे हैं | सोनिया, रोसेश और माया सामने खड़े इंद्रवदन को गुस्से से देख रहे हैं...
इंदू: ऐसे घूरघूर के क्या देख रहा है पार्ट टू...
रोसेश: मैं तो सिर्फ देख रहा हूँ ओके... लेकिन आपने तो...
इंदू: मैंने तो क्या... हां... क्या... सिर्फ इतना ही कहा ना, कि दुश्यंत sensible बातें नहीं करता... It was just a joke dammit...
माया: Just a joke इंद्रवदन...
सोनिया: वह भी एक बार नहीं, दो बार... एक बार उनके सरनेम को लेकर और दूसरी बार दुश्यंत के ऊपर | बेचारे दुश्यंत को कितना बुरा लगा होगा...
 
इंदू: उस दुश्यंत की बड़ी फिक्र है तुम्हें...
साहिल: सोनिया की फिक्र छोड़िये डॅड | आपने जो किया वह ठिक नहीं था...
माया: साहिल is right इंद्रवदन... उनके ही घर में उनपर यूँ जोक मारना was totally ridiculous साहिल, I think we should apologize to them...
साहिल: येस absolutely. हम सब अभी वहां चलेंगे और डॅड, आप उनसे माफी मांगेंगे...
सब दरवाजे की ओर चलने लगते हैं | दरवाजा खुलता है और सब चौंक जाते हैं...
 
सीन १९ खत्म होता है...
 
सीन २० - कॉरिडोर...
 
सामनेवाले दरवाजे की तरफ मुह कर के दो आदमी और एक औरत खड़े हैं | माया उन्हें पहचान लेती है...
माया: अरे रक्षा... मि. अजित, दुश्यंत... तुम लोग यहां...
आवाज सुनते ही सब पीछे मुड़ते हैं | रक्षा और माया एक-दूसरे के गले मिलते हैं...
माया: सॉरी हां रक्षा कल रात जो भी हुआ...
साहिल: Yaa... it was just a mis-understanding... Right dad...
इंदू: हां... अजित, बीतीं बातें भूल जाओ...
माया: At least say forget the past Indu... बीतीं बाते भूल जाओ कहना is just...
साहिल: मॉम, मॉम उन्हें अंदर तो बुला लिजिए...
माया: ओह... सो सॉरी... कम इन प्लीज...
 
सब लोग अंदर चले आते हैं | राधाबाई सबको पानी सर्व्ह करती है | अजित और रक्षा घर को देख रहे हैं...
साहिल: वैसे हम सब आपके घर ही आने का सोच रहे थे...
इंदू: हां और इतने में आप लोग ही यहां आ गये | इसे कहते हैं think of the de...
इंद्रवदन और कुछ बोले उससे पहले ही माया इंदू की तरफ गुस्से से देखती है...
माया: He means what a coincidence...
इंदू: Right...
 
रक्षा: (टॉपिक बदलते हुए...) वैसे माया, where's Soniya...
अजित: Yes... where is she...
माया: (सोनिया को एक कोने में खड़ा देख...) Here's our darling daughter. Come बेटा...
सोनिया शरमाते हुए सब के पास आती है | दुश्यंत उससे हाथ मिलाता है और दोनों फिरसे खो जाते हैं | इंदू तुरंत सोनिया को कोनी मारता है और अजित दुश्यंत को आवाज़ लगाता है...
 
दोनों एक-दूसरे को देखते हैं | सोनिया शरमाकर मुस्कुराने लगती है...
दुश्यंत: (सोनिया को देखते हुए...) मुझे आपको एक जरूरी बात बतानी है...
सोनिया: क्या...
दुश्यंत: मुझे आपको एक जरूरी बात बतानी है...
रोसेश: दुश्यंत, सोनिया पूछ रही है वह बात क्या है...
दुश्यंत: ओह... I thought...
साहिल: बात क्या है बताओ भी...
दुश्यंत: (पूरे साराभाई परिवार को देखते हुए...) बात बहुत सीरियस है... मैं जिसके बारे में बात करने जा रहा हूँ, वह आपकी...
 
सब लोग एक-दूसरे को देखते हैं और सोचने लगते है, कि दुश्यंत क्या कहेगा...
दुश्यंत: लिफ्ट है...
इंदू: हाश... मैं तो डर गया था...
अजित, रक्षा, साहिल और माया: लिफ्ट...
रोसेश: मतलब...
दुश्यंत: आपकी लिफ्ट को ऊपर ले जानेवाला बटन खराब है...
रोसेश: What are you saying...
दुश्यंत: यहीं, कि आपकी लिफ्ट को ऊपर ले जानेवाला बटन खराब है | I'll explain... मान लो, कि माया आँटी लिफ्ट है और रोसेश उसका बटन | अब रोसेश, तुम खराब हो जाओ...
रोसेश: कम ऑन दुश्यंत, मैं खराब कैसे हो सकता हूँ... Just leave me ok...
 
दुश्यंत: फिर मैं कैसे explain करूँगा, लिफ्ट का बटन कैसे खराब हुआ...
अजित: वे लोग समझ गये बेटा...
दुश्यंत: परसों भी यह बटन खराब था, जब मैं ओव्हन रिपेयर करने के लिए आया था | वैसे ओव्हन अब चल रहा है ना...
सोनिया: See... He remembers everything...
माया: सोनिया, जस्ट... By the way रक्षा, nice to see you all again. पर कोई special occasion होगा, कि आप लोग यहां आये...
रक्षा: हां माया, खास मौका तो है | यह आपको दुश्यंत बताएगा | क्यौंकि वही हमें यहां लाया है...
 
इंदू: क्या... लेकिन हमें हमारे घर की पेंटिंग नहीं करानी भाई...
इंद्रवदन हंसने लगता है | वहां मौजूद कोई नहीं हंसता तो  इंद्रवदन अपनी हंसी दबाता है...
अजित: हंस लो इंद्रवदन हंस लो | अब मैं बुरा नहीं मानूँगा | क्यौंकि मेरा कहा सच होने का वक्त आ गया है... Right दुश्यंत...
सब लोग दुश्यंत को देखने लगते हैं...
दुश्यंत: अंकल और आँटी... क्या मैं आपके घर का फ्रिज, टि.व्ही., ओव्हन, शॉव्हर, सोनिया के सँडल्स, बाकी फर्निचर, अपना समझकर रिपेयर कर सकता हूँ...
सब लोग दुश्यंत की तरफ देखते रहते हैं | कोई कुछ कहे इससे पहले...
दुश्यंत: I'll explain... मान लो...
सोनिया: दुश्यंत कहना चाहता है, क्या वह मुझसे शादी कर सकता है...
 
सब लोग अचंभित हो जाते है | अजित इंद्रवदन की तरफ मुस्कुराकर देखता है तो इंद्रवदन समझ जाता है...
इंदू: अरे अगर कुछ रिपेयर ही करना है तो मेकॅनिक बनकर करो, दामाद बनने की क्या ज़रूरत है...
साहिल और रोसेश दोनों सिर हिलाते हैं...
रक्षा: माया, अब हमारा टाईम तो रहा नहीं | बच्चों ने सोचा है तो lets make their wish come true...
माया: अब बच्चों ने सोचा है तो... Ok...
अजित इंद्रवदन की ओर हाथ बढ़ाता है...
अजित: Congratulations इंद्रवदन... पेंटर यह सरनेम अब ज़िंदगीभर तुमसे जुड़ा रहेगा...
इंद्रवदन टेढ़े-मेढ़े मुह बनाकर अजित से हाथ मिलाता है...
 
सब लोग सोनिया और दुश्यंत को देख रहे हैं | दुश्यंत और सोनिया एक-दूसरे की उलटी दिशा में जाने लगते हैं | बकी सब का चेहरा सवाल भरा है | थोड़ी दूर जाकर सोनिया और दुश्यंत रुक जाते हैं | दुश्यंत अपनी जेब से वॉकमॅन निकालता है और "हम साथ साथ हैं" फिल्म का गाना चलाता है...
 
"जन्मों के साथी..."
सोनिया और दुश्यंत पलटते हैं...
"हम साथ साथ हैं..."
सोनिया और दुश्यंत हाथ पसारे एक-दूसरे की और भागने लगते हैं | दुश्यंत की नज़र सोनिया के पीछे जाती है | सोनिया को डॉज करके दुश्यंत म्यूझिक सिस्टम की ओर जाता है | सोनिया सोफे से जा टकराती है तो दुश्यंत म्यूझिक सिस्टम को अपनी बाहों में लेता है और गाने की तीसरी लाईन बजती है...
"हम साथ साथ हैं..."

सीन २० खत्म होता है...

फ्लॅश बॅक खत्म होता है...
 
माया: So, that’s the story… इस तरह यह किस्सा शुरू हुआ...
इंदू: हां... और वह किस्सा अब तक चल रहा है | लगता है जैसे सदिया बीत गई हो...
माया: इंद्रवदन... सदिया बीत गई sounds too down market… At least say…
उसी वक्त मॉनिशा का मोबाईल बजता है | मॉनिशा फोन देखती है तो वहा ‘दुश्यंत’ यह नाम लिखा होता है | मॉनिशा कॉल लेती है...
दुश्यंत: तुमने कॉल किया था मॉनिशा...
मॉनिशा: हां जिजाजी, मेरा टि. व्ही. चल नहीं रहा था ना तो मैंने...
माया: मॉनिशा उसे टी. व्ही. के बारे में मत बताना...
मॉनिशा: Wrong number जिजा... हॅलो... जिजाजी... हॅलो... लगता है फोन कट गया...
इंदू: अब कुछ नहीं हो सकता...
माया: अब दुश्यंत आएगा...
 
सीन १ खत्म होता है...
 
दी एंड...
 
@ अनिकेत परशुराम आपटे.

No comments:

Post a Comment